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समय यारों तब दुखता करती हो जुल्म जब सफ़र धर्म की हँसती मैं हूँ ना जब भी कोई नारी हैं आता जुदाईमिलान प्रकृति जब-जब इबादत उखाड़ते जब अधर्म सुननाकहना नया साल

Hindi जब मैं Quotes